- सोमवार को ज्वाइण्ट मजिस्ट्रेट से मिलेगा अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमण्डल
- कहा गया: यदि सहमति नहीं बनी तो अगली रणनीति पर होगा विचार
शोहरत अली
मछलीशहर, जौनपुर। स्थानीय अधिवक्ता भवन में साधारण सभा की आवश्यक बैठक अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष हुबेदार पटेल की अध्यक्षता में हुई जहां सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुमार सौरभ से वार्ता होगी। यदि समाधान नहीं निकला तो अग्रिम रणनीति पर विचार—विमर्श होगा।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि तहसील में तहसीलदार से लेकर नायब तहसीलदार तक के न्यायालयों में भ्रष्टाचार चरम पर है। सुविधा शुल्क के बिना कोई कार्य नहीं होता है। तहसील में भ्रष्टाचार इसलिए व्याप्त है कि हम अधिवक्ता भ्रष्टाचार सह रहे हैं। भ्रष्टाचार पर रोक तभी लगेगा कि जब हम सब मिलकर विरोध करें। तहसील में बैनामे में दाखिल खारिज के सभी न्यायालयों में रेट हजारों में निर्धारित है जो प्राइवेट मुंशी के माध्यम से खुलेआम वादकारियों से वसूला जा रहा है। यदि किसी मुकदमे में आपत्ति लग जाती है तो वहीं सुविधा शुल्क हजार से लाख तक पहुंच जाता है। इस संदर्भ में आए दिन अधिवक्ताओं की लिखित शिकायत भी आती रहती है। इसका विरोध होना अति आवश्यक है तभी अधिवक्ताओं और वादकारियों का हित सुरक्षित रहेगा।
बैठक का संचालन महामंत्री नंदलाल यादव ने किया। बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश चंद्र सिन्हा, हरिनायक तिवारी, अशोक श्रीवास्तव, रघुनाथ प्रसाद, भरत लाल, राम आसरे द्विवेदी, प्रेम बिहारी यादव, आरपी सिंह, आलोक विश्वकर्मा, पवन गुप्ता, भारत सिंह, वेद प्रकाश श्रीवास्तव, सतीश कुमार, दयाराम पाल, जितेंद्र श्रीवास्तव, रमाशंकर, महेंद्र श्रीवास्तव सहित सैकड़ों अधिवक्तागण उपस्थित रहे।