प्रदीप दुबे
सरपतहां, जौनपुर। जयगुरुदेव शाकाहार-सदाचार आध्यात्मिक जनजागरण यात्रा शुक्रवार को अपने 31वें पड़ाव पर बुढ़िया माई मंदिर परिसर बाग बरौत पहुँची। इस मौके पर आयोजित सत्संग समारोह में संस्था के संस्थाध्यक्ष संत पंकज जी महाराज ने प्रवचन करते हुए कहा कि यह मानव तन करोड़ों जन्मों के बाद मिलता है, इसे व्यर्थ न गँवाएँ। भक्ति करो तो गुरु की करना, क्योंकि गुरु ही नाम-शब्द का मार्ग बताते हैं।
महाराज ने आत्मा और परमात्मा के गूढ़ रहस्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि दोनों आँखों के मध्य भाग में स्थित आत्मा में दिव्य नेत्र और दिव्य कान विद्यमान हैं। साधना के अभ्यास से जब यह बिंदु खुलेगा तो भीतर के दिव्य लोकों का दर्शन होगा। उन्होंने इसे हरिद्वार बताते हुए कहा कि यहीं से ऊँचे आध्यात्मिक लोकों की यात्रा संभव होती है जिनका वर्णन महापुरुषों ने अपने अनुभवों में किया है।
संत पंकज जी महाराज ने श्रोताओं से शाकाहारी, सदाचारी और नशामुक्त जीवन जीने का आह्वान करते हुए कहा कि शुद्ध खानपान और नैतिक चरित्र के बिना आध्यात्मिक साधना संभव नहीं। साथ ही चेताया कि यदि लोग अब भी नहीं जागे तो कुदरत कड़ी सजा देने के लिए तैयार है।
कार्यक्रम में ऋषिदेव श्रीवास्तव, बालेन्द्र मिश्रा, बाबूराम यादव, शिव प्रसाद यादव, रुद्रपाल यादव, रामलखन यादव प्रधान, साहब लाल जायसवाल प्रधान, सोनू निषाद, बेचू यादव, लालता यादव, संस्था के प्रतापगढ़ अध्यक्ष सूर्यबली सिंह, रामपाल सोनी, अविनाश मिश्रा सहित कई पदाधिकारी व प्रबंध समिति के सदस्य मौजूद रहे। शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन ने सहयोग किया। सत्संग के पश्चात धर्मयात्रा अपने अगले पड़ाव शाहगंज क्षेत्र के ग्राम अर्गूपुर के लिए रवाना हुई जहाँ सोमवार दोपहर 12 बजे से सत्संग-संदेश का आयोजन होगा।